‘बांबे बार’ किताब पर हरिभूमि अखबार के सभी संस्करणों के रविवारीय खंड में समीक्षा

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‘बांबे बार’ किताब पर हरिभूमि अखबार के सभी संस्करणों के रविवारीय खंड में समीक्षा देखना बेहद सुखद है… छत्तीसगढ़ की माटी से एक खास ही लगाव है… क्यों न होगा… बचपन का बड़ा हिस्सा गुजारा है रायपुर, बिलासपुर, जबलपुर वगैरह … Continued

‘अदृश्य’ फिल्म का साहित्य रूप में आना, “अब नई गीता लिखें, जो कहे कि कहानी अमर होती है”

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विशेष संवाददाता मुंबई, 29 जुलाई 2018। महानगर में आज साहित्य व फिल्मोद्योग में अनूठा प्रयोग पूर्ण हुआ, जिसका नाम है, अदृश्य। पहले एक फिल्म तैयार हुई, फिर उस पर उपन्यास की रचना हुई। इस उपन्यास का विमोचन आज गोरेगांव पूर्व … Continued

‘अदृश्य’ : एक फिल्म का साहित्य में बदल जाना

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‘अदृश्य’ फिल्म के पटकथा-संवाद लेखक विवेक अग्रवाल एवं अलका अग्रवाल सिग्तिया ने एक अनूठा प्रयोग साहित्य तथा फिल्म संसार में कर दिखाया है। लेखक जोड़ी ने एक निराले विषय पर संदीप चटर्जी के निर्देशन में बनी फिल्म अदृश्य को उपन्यास … Continued

93 मुंबई बमकांड की असली गुनहगार आईएसआई है – विवेक अग्रवाल, स्टोरी टेलर, इंदौर में

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विवेक अग्रवाल की मुंबई के डांस बारों में काम करने वाली बारबालाओं की जिंदगी में झांकने के बाद लिखी पुस्तक “बांबे बार” पर चारों तरफ खासी बहस और बातें हो रही हैं। इसी कड़ी में इंदौर के आर्ट कैफे द … Continued

मुंबई के डांस बार रहस्यों से भरे हैं – विवेक अग्रवाल, जस्ट स्टोरी टेलर, इंदौर में

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विवेक अग्रवाल की मुंबई के डांस बारों में काम करने वाली बारबालाओं की जिंदगी में झांकने के बाद लिखी पुस्तक “बांबे बार” पर चारों तरफ खासी बहस और बातें हो रही हैं।   इसी कड़ी में इंदौर के आर्ट कैफे … Continued

दुआ (कहानी, मुंबई अंडरवर्ल्ड पर साहित्यिक दृष्टि)

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दुआ लेखक – विवेक अग्रवाल   “तुम आज भी जाने वाले हो क्या?”   सलमा ने परदे की आड़ से ही इकबाल से सवाल किया। ये फजूल सवाल एक बार फिर इकबाल को नागवार हो गुजरा। उसने हमेशा की तरह … Continued