मोदी के गढ़ में गिरोहबाज ब्रजेश सिंह चुनावी अखाड़े में

posted in: News & Investigations | 0
  • ब्रजेश सिंह लड़ेगा एमएलसी का चुनाव
  • भाजपा या बसपा से लड़ेगा चुनाव
  • 25 सालों से सीट है ब्रजेश सिंह परिवार की जागीर
  • पत्नी अन्नपूर्णा सिंह है वर्तमान विधायक
  • भाई चुलबुल सिंह चार बार रहे विधायक

विवेक अग्रवाल

मुंबई, 08 नवंबर 2015।

मुंबई से वाराणसी तक जिस गिरोह सरगना का बोलबाला आज तक खूरेंजी की दुनिया में था, आज वो राजनीतिक अखाड़े में ताल ठोंकने का मन बन चुका है। वह अब उत्तरप्रदेश विधानव परिषद में पहुंचने का ख्वाब संजो रहा है। आगामी माह में होने वाले इस चुनाव में वह अपने पक्ष में अभी से हवा बनाने लगा है। इलाके में उसके पोस्टर बैनर भी लगने लगे हैं।

 

ब्रजेश सिंह के बारे में यह जानकारी हासिल हुई है कि वाराणसी – चंदौली – भदोही विधान परिषद सीट से बतौर विधायक चुन कर उप्र विधानसभा में एक कुर्सी पर विराजमान होने का मन बना चुका है। इस चुनाव के लिए उसे भाजपा या बसपा से टिकट मिलने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।

Mafia Brajesh Singh Poster Photo Election_20151108

ब्रजेश के खिलाफ सुधीर सिंह समाजवादी पार्टी से उम्मीदवार होंगे। वे ब्रजेश सिंह के खिलाफ दिल्ली के एक मामले में शिकायतकर्ता हैं। उनका आरोप है कि ब्रजेश सिंह ने उन्हें धमकाया था। इसी सिलसिले में ब्रजेश सिंह एक बार भुवनेश्वर से गिरफ्तार भी हो चुका है।

 

बता दें कि इस चुनाव के लिए इलाके के तमाम ब्लॉक प्रमुख, सरपंच और जिला परिषद सदस्यों द्वारा मतदान किया जाएगा। उनके मतों के आधार पर ही उम्मीदवारों में से किसी एक को विधान परिषद तक पहुंचने का मौका मिलेगा।

 

यह भी एक तथ्य जगजाहिर है कि वाराणसी – चंदौली – भदोही विधान परिषद सीट पर पिछले 25 सालों से ब्रजेस सिंह के परिवार का ही कब्जा है। ब्रजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा सिंह इस सीट से ही विधायक हैं। उनके पहले ब्रजेश सिंह के भाई चुलबुल सिंह चार बार विधायक चुने जा चुके हैं।

 

वाराणसी – चंदौली – भदोही विधान परिषद सीट पर अभी बसपा का कौन सा उम्मीदवार खड़ा होगा, यह तय नहीं है। यह लेकिन तय हो चुका है कि मुख्तार अंसारी की राजनीतिक पार्टी कौमी एकता कल से तो कोई भी उम्मीदवार नहीं खड़ा होगा। इस तरह से एक चुनौती तो ब्रजेश सिंह के लिए खत्म हो ही जाती है।

 

ब्रजेश सिंह फिलहाल जेल में है। उसके खिलाफ वाराणसी से दिल्ली तक, मुंबई से इलाहाबाद तक दर्जनों मुकदमे चल रहे हैं, जिसमें हत्या से लेकर फिरौती वसूली तक के मामले हैं। इन सबके बावजूद वो चुनाव जीत जाएगा, इसकी संभावना भी कुछ लोग जता रहे हैं।

Leave a Reply